मूलांक कैलकुलेटर
अपना मूलांक (मानसिक अंक) और भाग्यांक (भाग्य अंक) जन्म तिथि से जानें, पूर्ण अर्थ सहित।
मूलांक कैसे निकाला जाता है
मूलांक जन्म के दिन से बनता है। यदि जन्म 7 तारीख को हुआ तो मूलांक 7 है; 18 तारीख को हुआ तो 1 और 8 जोड़कर 9। महीना और वर्ष इसमें नहीं जुड़ते — यही मूलांक और भाग्यांक का मूल अंतर है। परंपरा में मूलांक को व्यक्ति का स्वभाव, पहली प्रतिक्रिया और रोज़मर्रा का ढंग माना जाता है, इसलिए इसे मित्र-अंक चुनने में सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है।
मूलांक को कितना महत्व दें
मूलांक एक प्रवृत्ति बताता है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं। एक ही दिन जन्मे लाखों लोगों का मूलांक समान होता है, फिर भी उनका जीवन अलग होता है — क्योंकि परिश्रम, परिस्थिति और चुनाव अंक से कहीं अधिक निर्णायक हैं। मूलांक को आत्मचिंतन का एक शब्दकोश मानें: यह किसी आदत को नाम देने में सहायक हो सकता है, पर यह न स्वास्थ्य, न आय और न संबंध की गारंटी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मूलांक क्या है?
- मूलांक आपके जन्म दिन को एक अंक में घटाकर निकाला जाता है और आपके मूल स्वभाव को दर्शाता है।
- भाग्यांक क्या है?
- भाग्यांक पूरी जन्म तिथि से निकलता है और जीवन की दिशा दर्शाता है।
