कर्म ऋण अंक
कर्म ऋण अंक (13, 14, 16, 19) इस जीवन में लाए गए पाठ दर्शाते हैं। जन्म तिथि (और नाम) भरें और जानें।
Read in English →कर्मिक ऋण अंक कौन-से माने जाते हैं
परंपरा में चार अंक — 13, 14, 16 और 19 — कर्मिक ऋण कहे जाते हैं, और ये तभी गिने जाते हैं जब घटाने से पहले का योग यही हो। यदि योग 16 आकर 7 बना है तो 16 गिना जाएगा; यदि 7 किसी और मार्ग से बना है तो नहीं। यही कारण है कि समान अंतिम अंक वाले दो व्यक्तियों का पाठ अलग हो सकता है, और इसीलिए घटाने से पहले का योग देखना आवश्यक है।
इन्हें किस भाव से पढ़ें
ऋण और दंड की भाषा इस परंपरा का सबसे कम उपयोगी भाग है, और यह स्पष्ट कहना आवश्यक है कि कोई अंक किसी को कष्ट का दंड नहीं देता। इन चारों को प्रायः दोहराने वाले विषय माना जाता है — 13 को बिना शॉर्टकट के परिश्रम, 14 को संयम, 16 को अहंकार और उसका टूटना, 19 को स्वतंत्रता और अकेलापन। इन्हें कार्य करने योग्य विषय समझें, और इन्हें हटाने का शुल्क माँगने वाले किसी भी दावे पर संदेह करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- कर्म ऋण अंक क्या हैं?
- अंक ज्योतिष में 13, 14, 16 और 19 कर्म ऋण अंक हैं — ये तब आते हैं जब कोई मूल स्थान इन मानों से होकर गुज़रता है।
- यदि कोई कर्म ऋण न हो?
- कई कुंडलियों में कोई नहीं होता — इसका अर्थ केवल यह कि वे पाठ आपके मूल अंकों में प्रमुख नहीं हैं।
