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निःशुल्क कुंडली मिलान

दोनों साथियों का जन्म विवरण दर्ज कर अष्टकूट गुण मिलान करें — 36 गुण विवाह अनुकूलता और मांगलिक दोष विश्लेषण, Soul Yatri ज्योतिष इंजन द्वारा तुरंत गणना।

साथी 1 (वर)

स्थान सुझाव: Soul Yatri Atlas / GeoNames · GeoNames

साथी 2 (वधू)

स्थान सुझाव: Soul Yatri Atlas / GeoNames · GeoNames

ट्रू नोड बनाम मीन नोड — कौन-सा चुनें?

राहु और केतु (चंद्र नोड) दो तरीकों से गणना किए जा सकते हैं। इनमें ~1.6° तक का अंतर होता है, इसी कारण दो सॉफ़्टवेयर कभी-कभी राहु/केतु को अलग अंश, राशि या वर्ग कुंडली में दिखाते हैं। वही चुनें जो आपके ज्योतिषी या पंचांग में प्रयुक्त हो।

ट्रू नोड (स्पष्ट) — डिफ़ॉल्ट

  • नोड की वास्तविक, तात्कालिक स्थिति (चंद्रमा की असली गति को ध्यान में रखते हुए)।
  • खगोलीय रूप से सटीक; SoulYatri, Jagannatha Hora और दृक/प्रत्यक्ष पंचांग से मेल खाता है।
  • सटीक गोचर और वर्ग कुंडली (D10, D9…) कार्य के लिए श्रेष्ठ।
  • सीमा: यह थोड़ा डगमगा सकता है और कुछ समय मार्गी प्रतीत हो सकता है।

मीन नोड (मध्य)

  • औसत, सहज नोड स्थिति; सदैव वक्री और एकसमान गति।
  • कई पारंपरिक पंचांगों/पुराने भारतीय सॉफ़्टवेयर (जैसे AstroSage डिफ़ॉल्ट) से मेल खाता है।
  • स्थिर और पूर्वानुमेय — कोई दोलन नहीं।
  • सीमा: वास्तविक खगोलीय स्थिति से ~1.6° तक दूर।

सुझाव: SoulYatri या DrikPanchang से मिलान → ट्रू नोड चुनें। पारंपरिक पंचांग या AstroSage डिफ़ॉल्ट से मिलान → मीन नोड चुनें।

गुण मिलान कैसे काम करता है?

गुण मिलान (कुंडली मिलान या अष्टकूट मिलान) दो व्यक्तियों की जन्म-नक्षत्र और चंद्र राशि के आधार पर विवाह-अनुकूलता मापने की वैदिक विधि है। इसमें आठ कूट (पहलू) देखे जाते हैं, जिनके कुल 36 गुण होते हैं। जितने अधिक गुण मिलें, पारंपरिक रूप से अनुकूलता उतनी अच्छी मानी जाती है।

36 में से 18 गुण सामान्यतः विवाह के लिए न्यूनतम माने जाते हैं। 18 से 24 गुण औसत, 25 से 32 बहुत अच्छा और 32 से अधिक उत्कृष्ट अनुकूलता दर्शाता है। ध्यान रहे — गुण मिलान अनुकूलता का एक पहलू है, कोई अंतिम निर्णय नहीं; भकूट और नाड़ी जैसे दोषों को पूर्ण कुंडली के संदर्भ में किसी योग्य ज्योतिषी से जँचवाना उचित है।

मांगलिक दोष को लेकर चिंतित हैं? मांगलिक दोष क्या है — डर नहीं, सच्चाई और उपाय में इसे विस्तार से, बिना भय के समझें।

अष्टकूट के 8 कूट (कुल 36 गुण)

कूटगुणक्या दर्शाता है
वर्ण1आध्यात्मिक स्तर और अहं का सामंजस्य — दोनों की मानसिक परिपक्वता का मेल।
वश्य2आपसी आकर्षण और प्रभाव — रिश्ते में स्वाभाविक खिंचाव और संतुलन।
तारा (दिन)3एक-दूसरे के जन्म-नक्षत्र से स्वास्थ्य और भाग्य पर प्रभाव।
योनि4शारीरिक और स्वभावगत अनुकूलता — घनिष्ठता और आपसी समझ।
ग्रह मैत्री5राशि-स्वामी ग्रहों की मित्रता — मानसिक और बौद्धिक तालमेल।
गण6स्वभाव का मेल (देव, मनुष्य या राक्षस गण) — प्रकृति की अनुकूलता।
भकूट7चंद्र राशियों की स्थिति से प्रेम, समृद्धि और पारिवारिक कल्याण।
नाड़ी8स्वास्थ्य और संतान — समान नाड़ी होने पर नाड़ी दोष माना जाता है।

गुण मिलान अनुकूलता का एक पारंपरिक पहलू है, कोई अंतिम निर्णय नहीं। कम गुण या नाड़ी/भकूट दोष होने पर भी सफल विवाह संभव है — पूर्ण कुंडली के संदर्भ में किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श उचित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुण मिलान / कुंडली मिलान क्या है?
गुण मिलान (कुंडली मिलान या अष्टकूट मिलान) विवाह अनुकूलता को 36 गुणों में आठ कूटों — वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी — के आधार पर मापने की वैदिक विधि है।
विवाह के लिए कितने गुण चाहिए?
36 में से 18 गुण आमतौर पर न्यूनतम माने जाते हैं। 18–24 औसत, 25–32 बहुत अच्छा और 32 से अधिक उत्कृष्ट है।
मांगलिक दोष क्या है?
जब मंगल लग्न, चंद्र या शुक्र से 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो मांगलिक दोष बनता है। यह उपकरण दोनों के लिए इसे दर्शाता है, पर पूर्ण कुंडली ज्योतिषी से जँचवाएँ।